लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी विभाग ने फुटकर मदिरा एवं भांग दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए ई-लॉटरी का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। देशी शराब, कम्पोजिट शॉप, मॉडल शॉप और भांग दुकानों के नवीनीकरण तथा प्रथम चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शेष बची एवं नवसृजित कुल 1506 दुकानों के आवंटन के लिए आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से आधिकारिक पोर्टल पर आरंभ कर दी गई है। आबकारी विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार इच्छुक आवेदक विभाग की वेबसाइट exciseelotteryup.upsdc.gov.in के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेश के आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह ने बताया कि राज्य सरकार नई आबकारी व्यवस्था के तहत लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, तकनीकी रूप से सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ई-लॉटरी प्रणाली लागू होने से मानव हस्तक्षेप कम हुआ है, जिससे निष्पक्षता सुनिश्चित हुई है और आवेदकों का भरोसा बढ़ा है। डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि पहले लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को लेकर कई प्रकार की शिकायतें सामने आती थीं, लेकिन अब डिजिटल प्रणाली के माध्यम से सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। आवेदन, शुल्क जमा, दस्तावेज सत्यापन और लॉटरी चयन तक की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित होगी, जिससे किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न्यूनतम रहेगी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है और अब दूसरे चरण में बची हुई तथा नई बनाई गई दुकानों का आवंटन किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सभी दुकानों का आवंटन शीघ्र पूरा कर लिया जाए ताकि नए वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह प्रभावित न हो। आबकारी आयुक्त ने यह भी कहा कि सरकार की नई नीति का मुख्य उद्देश्य राजस्व को मजबूत करने के साथ-साथ लाइसेंस प्रक्रिया को सरल बनाना है। ई-गवर्नेंस प्रणाली के जरिए आवेदकों को अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कोई भी पात्र व्यक्ति घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
विभाग ने सभी आवेदकों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, नियम एवं शर्तों का सावधानीपूर्वक अध्ययन अवश्य करें। पोर्टल पर आवश्यक दिशा-निर्देश, आवेदन प्रक्रिया, शुल्क विवरण और अन्य तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। आवेदन के दौरान गलत या अपूर्ण जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि आबकारी विभाग ने तकनीकी सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। पोर्टल को साइबर सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है ताकि डेटा सुरक्षित रहे और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे। उन्होंने बताया कि ई-लॉटरी का परिणाम भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन घोषित किया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की अपारदर्शिता की गुंजाइश नहीं रहेगी।
प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि नई आबकारी नीति से राजस्व संग्रह में वृद्धि होगी और अवैध शराब कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही लाइसेंस प्रणाली में समान अवसर उपलब्ध कराने से नए उद्यमियों को भी व्यवसाय में भागीदारी का अवसर मिलेगा। आबकारी आयुक्त ने प्रदेशभर के इच्छुक आवेदकों से समय रहते आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि अंतिम तिथि से पहले सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर लें, ताकि तकनीकी समस्याओं या अंतिम समय की भीड़ से बचा जा सके। नई आबकारी व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश सरकार डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाती नजर आ रही है, जिससे पारदर्शिता, सुगमता और जवाबदेही तीनों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
