‘रंगों के पर्व पर कानून का प्रचंड प्रहार’: लखनऊ में आबकारी विभाग का ऐतिहासिक मेगा अभियान, अवैध शराब सिंडिकेट पर चारों ओर से शिकंजा

-जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह खुद मोर्चे पर, 15 विशेष टीमें 24 घंटे मैदान में तैनात
-सीमाएं सील, शहर से देहात तक सघन चेकिंग—दुकान, ढाबा, होटल और बार सब रडार पर
-गुप्त जांच, ताबड़तोड़ दबिश और कड़ी समीक्षा से माफिया में दहशत, नियम तोड़ने वालों पर सीधी कानूनी चोट

लखनऊ। होली का पर्व नजदीक आते ही जहां बाजार रंग और उत्साह से सराबोर होने लगे हैं, वहीं अवैध
शराब कारोबारियों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। त्योहारों के दौरान मांग बढऩे का फायदा उठाने के लिए बड़े शराब माफिया से लेकर छोटे तस्कर तक अपने नेटवर्क को सक्रिय कर रहे हैं। लेकिन इस बार उनकी राह आसान नहीं है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आबकारी विभाग ने ‘ऑपरेशन रंग सुरक्षित’ के तहत जिलेभर में व्यापक और सुनियोजित अभियान छेड़ दिया है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह स्वयं अभियान की कमान संभाले हुए हैं। उनके नेतृत्व में जिले की 15 विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में 24 घंटे सक्रिय हैं। इन टीमों में आबकारी निरीक्षक रिचा सिंह, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, विवेक सिंह, अभिषेक सिंह, रजनीश प्रताप सिंह, अरविंद बघेल, कौशलेन्द्र रावत, प्रदीप शुक्ला, अखिलेश चौधरी, अखिल गुप्ता, मोनिका यादव, रामश्याम त्रिपाठी, शिखर मल्ल और विजय राठी सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

करुणेन्द्र सिंह की कार्यशैली की खास बात यह है कि वे केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्वयं मैदान में उतरकर कार्रवाई की निगरानी करते हैं। दिन-रात वाहनों की सघन जांच, संदिग्ध स्थानों पर दबिश और अवैध शराब निर्माण स्थलों की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। बाहरी राज्यों से अवैध शराब लाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिले की सीमाओं पर किलेबंदी कर हर छोटे-बड़े वाहन की तलाशी ली जा रही है। दस्तावेजों की जांच के साथ संदिग्ध सामान को तुरंत जब्त किया जा रहा है। अभियान का दायरा केवल तस्करी तक सीमित नहीं है। लाइसेंसी शराब दुकानों की भी सघन जांच की जा रही है। गुप्त खरीद परीक्षण के माध्यम से यह परखा जा रहा है कि कहीं अधिक मूल्य वसूली या नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा। दुकानों के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और बाहर ग्राहकों से पूछताछ कर वास्तविक स्थिति जानी जा रही है। यह स्पष्ट संकेत है कि विभाग नियमों के पालन को लेकर पूरी तरह गंभीर है।

इसके अलावा बिना लाइसेंस शराब पार्टी आयोजित करने वाले होटल, रेस्टोरेंट और बारों की भी जांच की जा रही है। राजमार्गों और सड़कों के किनारे स्थित ढाबों और होटलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आबकारी विभाग की टीमें प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई कर रही हैं, जिससे अभियान को और मजबूती मिली है। शहर के प्रमुख क्षेत्रों हजरतगंज, गोमती नगर, आलमबाग, अमीनाबाद, चौक, अलीगंज, आशियाना, विकासनगर, महानगर, चारबाग, गोमती नगर विस्तार, जानकीपुरम, ठाकुरगंज और हुसैनगंज के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों मलिहाबाद, मोहनलालगंज, सरोजिनी नगर, चिनहट और सदर इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। हर क्षेत्र में टीमों की नियमित गश्त सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों का कहना है कि जब नेतृत्व स्वयं सक्रिय हो, तो टीम का मनोबल स्वत: बढ़ जाता है। करुणेन्द्र सिंह की सख्त लेकिन संतुलित कार्यशैली ने विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को और मजबूत किया है। वे प्रत्येक कार्रवाई की समीक्षा कर स्पष्ट दिशा-निर्देश देते हैं और किसी भी प्रकार की ढिलाई को स्वीकार नहीं करते। होली जैसे बड़े पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग का यह अभियान केवल कानून प्रवर्तन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन भी है। अवैध और मिलावटी शराब पर रोक लगाकर संभावित दुर्घटनाओं और जनहानि को टालना इस अभियान की प्राथमिकता है।

जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि त्योहार की आड़ में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ‘ऑपरेशन रंग सुरक्षित’ के तहत चल रहा यह व्यापक अभियान यह दर्शाता है कि प्रशासन त्योहारों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आबकारी विभाग की मुस्तैदी और सख्ती ने अवैध कारोबारियों के लिए स्पष्ट संदेश दे दिया है कि इस बार होली का रंग कानून के दायरे में ही खेलेगा।

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