जिला कारागार में चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया



बुलंदशहर आज जिला कारागार बुलंदशहर में दो अलग-अलग समय पर दो विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए-आज जिला कारागार बुलन्द शहर में विशेष चिकित्सकीय परीक्षण व उपचार शिविर आयोजित किया गया। जिसमें उच्च व निम्न रक्त चाप, डायबिटीज, मनोरोग व तम्बाकू नियंत्रण के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

जिसमें मनोचिकित्सक डाक्टर धर्मेंद्र प्रताप सिंह, फिजिशियन डाक्टर परवेज आलम,मनोरोग काउंसलर सुनील कुमार, तम्बाकू नियंत्रण काउंसलर अनामिका व साधना व वीपी व शुगर की जांच हेतु लैब टेक्नीशियन मनवीर सिंह द्वारा बंदियों का चिकित्कीय परीक्षण, जांच व उपचार किया गया।व आवश्यक दवायें वितरित की।

तथा बंदियों को काउंसलर द्वारा वीपी,शुगर में क्या क्या ऐतिहात बरतने चाहिए तथा किस तरह तम्बाकू का सेवन कैसे छोडा जा सकता है साथ ही तम्बाकू सेवन छोड़ने के लिए आवश्यक दवायें भी वितरित की।कारागार के लगभग 350 बंदी इस शिविर से लाभान्वित हुए। दूसरा जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा कारागार में विशाल चिकित्सा शिविर आयोजित कर महिला व पुरूष बंदियों की जांच, सलाह व उपचार परामर्शित किया गया।

शिविर में जनरल फिजिशियन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, ह्रदय रोग विशेषज्ञ, सर्जन, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ व स्त्री रोग विशेषज्ञ ने सम्बन्धित बीमारियों के महिला व पुरूष बंदियों की जांच, सलाह व उपचार उपलब्ध कराया।


ज्ञातव्य है कि कारागार में दो दिन पूर्व ही एक अन्य विशाल शिविर आयोजित कर बंदियों को उपचार व दवायें निशुल्क उपलब्ध कराई गई थी।पुनः शीघ्र ही दूसरे चिकित्सा शिविर आयोजित होने से बंदियों में खुशी की लहर दौड गई और अधिकाधिक बंदियों ने इसका लाभ प्राप्त किया।


कारागार में ही अधिक से अधिक चिकित्सा शिविर आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य एक तो बंदियों का अधिकाधिक इलाज कारागार में ही हो जाए ताकि बंदियों को बाहर भेजने से सुरक्षा सम्बन्धित चुनौती न आए दूसरे कोई बंदी समुचित चिकित्सा सुविधा से बंचित न रह जाए।