त्योहारों के मद्देनजर अवैध शराब बनाने व बेचने वालों की धरपकड़ हुई तेज


-अवैध शराब के खिलाफ विभाग ने चस्पा किए पम्पलेट, लोगों को किया जागरूक

प्रमोद शर्मा @ गाजियाबाद। दशहरा व दीपावली का त्योहार मनाने की घर-घर तैयारियां शुरू हैं। इन त्योहारों का मजा अवैध शराब कहीं खराब न कर दें, इसको लेकर आबकारी विभाग सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रदेश के प्रशासनिक, पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों को अवैध शराब की रोकथाम एवं अन्तर्राज्यीय शराब की तस्करी पर पूर्ण अंकुश लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

जिसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में 15 से 25 अक्टूबर तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। आगामी दिनों में पड़ने वाले दुर्गा पूजा एवं दशहरा त्यौहारों के मद्देनजर मदिरा की मांग में बढ़ोत्तरी की संभावनाओं को देखते हुए अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध प्रदेश स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। जिसमें प्रशासन, आबकारी एवं पुलिस की संयुक्त टीमों गठित करते हुए अवैध शराब के निर्माण, बिक्री एवं तस्करी के विरुद्ध पूरी शिद्दत से जुट गई है। अभियान के दौरान अवैध शराब के निर्माण तथा बिक्री के अड्डों पर की छापेमारी की जा रही है। होटल एवं रेस्टोरेंट में होने वाली पार्टियों पर भी विशेष निगरानी शुरु कर दी है। अवैध शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में अवैध शराब का निर्माण, बिक्री एवं परिवहन रोकने के लिए आबकारी विभाग की टीम दिन-रात मशक्कत कर रही है। विभाग को कोई तीज-त्यौहार हो या आम दिन इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता।

विभाग का मकसद सिर्फ शराब माफिया के खेल को बिगाड़ना है। टीम वर्क से काम होने के कारण नतीजे भी अच्छे सामने आ रहे हैं। त्योहारों के मौसम में शराब की मांग भी बढ़ जाती है। किसी भी तरह से सस्ती शराब पाने का प्रयास होता है, इस वजह से अवैध व नकली शराब का उत्पादन, बिक्री व तस्करी बढ़ जाती है। अवैध कारोबार से सरकार को राजस्व का नुकसान होता है और जनहानि होने की भी आशंका रहती है। आबकारी विभाग ने पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचार-प्रसार तेज कर दिया है। मुख्य मार्गों पर लगे बड़े-बड़े होर्डिंग जागरूकता का संदेश दे रहे है। आबकारी अधिकारी राकेश सिंह का कहना है कि जनपद में कई इलाके ऐसे हैं जहां दूसरे प्रदेशों से शराब लाकर जमा की करने की संभावना रहती है। ये लोग दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ से शराब लेकर आते हैं और यहां बेचते हैं।

जब शराब की दुकानें बंद हो जाती है तो ये तस्कर ज्यादा रुपए कमाने के लालच में अवैध शराब की तस्करी करते है। जिन पर कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग दिन-रात सतर्कता बरत रहा है। विभाग को इससे कोई मतलब नहीं है कि कोई पर्व विशेष या खास दिवस है। विभाग का मकसद शराब माफिया के मंसूबों पर पानी फेरना है। इसमें सफलता भी मिल रही है। उन्होंने बताया कि आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। शराब तस्करों से निपटने के साथ-साथ आबकारी विभाग लाइसेंसशुदा शराब की दुकानों पर भी व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए काफी कसरत करता नजर आ रहा है। शराब विक्रेताओं को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

शराब की दुकानों एवं मॉडल शॉप का स्थलीय निरीक्षण कर स्टॉक की चेकिंग की जा रही है। वहां सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अभियान के तहत ईंट-भट्ठा, बहुत दिन से बंद पड़ी फैक्ट्रियों, गोदामों, खंडहर व औद्योगिक क्षेत्र के संदिग्ध गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, आरओ वाटर प्लांट, पेंट व थिनर की दुकानों की सघनता से जांच की जा रही है। इसके अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट संचालकों, उनके प्रतिनिधियों, फैक्ट्रियों में कार्यरत वर्करों व अन्य स्टाफ को इस बात के लिए भी निर्देशित किया कि अवैध शराब निर्माण से संबंधित कोई सूचना यदि किसी को प्राप्त होती है तो तत्काल आबकारी विभाग को सूचना उपलब्ध कराएं।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया जनपद में चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत सोमवार को मुरादनगर, मोदीनगर, लोनी, साहिबाबाद, खोडा, सदर तहसील आदि क्षेत्रों में आबकारी निरीक्षकों की टीम पम्पलेट एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से ग्रामीणों क्षेत्र में अवैध शराब के घातक नतीजों के विषय में जागरूकता अभियान चला रही है। अवैध शराब से सचेत करने के लिए संदेश लिखे पोस्टर जनपद में जगह-जगह टीम द्वारा चस्पा किए गए हैं। क्योंकि अवैध शराब में मिथाइल अल्कोहल की मिलावट हो सकती है। ऐसी शराब के प्रयोग से अंधेपन के साथ, आपकी जान भी जा सकती है। अवैध शराब के दुष्परिणाम के बारे में जनसाधारण को जागरूक करने के लिए लाउडस्पीकर से संदेश भी दिया जा रहा है। ताकि लोग जागरूक हो सकें। उन्होंने बताया शराब माफिया को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। इसके अलावा मुख्य मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए है। जिससे बाहरी राज्यों से शराब तस्करी करने की सोच रखने वाले भी इससे सबक ले सकेंं। बाहरी राज्य की शराब लेकर गाजियाबाद में आना गैरकानूनी अपराध है।