मुआवजा मिलने तक किसान नहीं देंगे जमीन

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प्रमोद शर्मा@ गाजियाबाद। एक समान बढ़े मुआवजे की मांग को लेकर मधुबन बापूधाम योजना में 6 गांवों के किसानों का चल रहे आंदोलन में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्टï्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत नेे पहुंचकर अपना समर्थन दिया।

उन्होंने स्पष्टï कर दिया कि जब तक किसानों को जीडीए बढ़ा हुआ मुआवजा रिलीज नहीं करेगा तब तक किसान जीडीए को जमीन नही देगा। इसके लिए उन्हें सड़कों पर उतर कर आंदोलन करना पड़ा तो वह करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों से जमीन को लेकर हुए समझौते में जीडीए ने खुद एक शर्त लिखी हुई है कि अगर सक्षम अधिकारी मुआवजे की दरों को बढ़ाते हैं तो किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा दिया जाएगा, बावजूद इसके अब जीडीए अपनी बात से मुकर रहा है।

उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें कानून हाथ में नहीं लेना है जमीन को लेकर आंदोलन की रूपरेखा क्या होगी आंदोलन कब और कहां होगा इसकी जानकारी है भारतीय किसान यूनियन उन्हें समय आने पर दे देगी। राकेश टिकैत ने कोरोना प्रोटोकॉल के तहत शादियों में अनावश्यक खर्च और लोगों की संख्या को नियंत्रित करने की सरकार की गाइड लाइन का भी समर्थन किया। राष्टï्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि जीडीए ने कौडिय़ों के दाम किसानों की जमीन को हथियाने का कार्य किया है। जीडीए जब पहले ही किसानों को लिखकर दे चुका है कि अगर कोर्ट किसी किसान का मुआवजा बढ़ाएगा तो वह पॉलिसी सभी पर लागू होगी। अब जीडीए अपने ही वायदे से पीछे हट रहा है। उन्होंने किसानों का आव्हान किया कि जब तक बढ़ा हुआ मुआवजा जीडीए नहीं देगा उसको कॉलोनी में निर्माण कार्य नहीं करने दिया जाएगा। इसके लिए अलग से धरने की जरूरत नहीं है। पता लगते ही किसान निर्माण कार्य रूकवाने का कार्य करे। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जब भी मेरी जरूरत होगी मैं तुरंत ही आप लोगों के बीच आ जाऊंगा। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह ने कहा कि प्राधिकरण किसानों की मांगों को सुनने को तैयार नहीं है। जब तक सभी किसानों को बढ़ी दर से मुआवजा नहीं देता है। तब तक किसान यहां निर्माण कार्य नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि जब प्राधिकरण ने 281 एकड़ जमीन के करीब 76 किसानों को नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा दिया है तो अन्य किसानों को भी उसी दर से मुआवजा मिलना चाहिए। इस दौरान ओमपाल, मदनपाल, सिंघराज सिंह, दयानंद सहरावत आदि किसान मौजूद रहे।