विश्व टीबी दिवस पर निकाली जनजागरुक रैली
लोगों को टीबी के प्रति किया जागरूक


सुरेन्द्र सिंह भाटी@ बुलंदशहर जनपद में शुक्रवार को विश्व टीबी दिवस मनाया गया। इस दिवस पर सभी स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेन्द्रों पर तपेदिक यानि क्षय रोग के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। इसी क्रम में जिला मुख्यालय पर और स्कूलों में प्रभात फेरी निकली गई। अधिकतर शैक्षणिक संस्थानों में इस बीमारी के लक्षण और इलाज के बारे में जागरूक किया गया।


जिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में विश्व क्षय रोग दिवस पर जनजागरूक रैली का आयोजन किया गया। आयोजित रैली का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनय कुमार सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. हेमंत रस्तोगी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।

आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनय कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2025 तक जनपद समेत पूरे देश से क्षय रोग समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी क्रम में शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में जागरूकता संबंधी विविध गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

शुक्रवार को टीबी इकाइयों, डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपिक सेंटर और गांवों में सामुदायिक स्तर पर जनप्रतिनिधियों की अध्यक्षता में मैजिक शो, नुक्कड़ नाटक व अन्य जागरूकता कार्यक्रम
आयोजित किए जा रहे हैं। अब हमारा प्रयास क्षय रोग मुक्त ग्राम पंचायतें बनाना है।

उन्होंने कहा कि आज वर्ड टीबी डे मनाने का उद्देश्य ही यही है कि लोगों को इस बीमारी के बारे में पूरी तरह जागरूक किया जाए और लक्षण वाले या संक्रमित व्यक्ति का तत्काल इलाज शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि बताया कि इस साल विश्व क्षय रोग दिवस की थीम है, हां! हम टीबी खत्म कर सकते हैं।

यह थीम तभी सार्थक होगी। जब इस रोग की समाप्ति के लिए समाज का हर व्यक्ति सहयोग करे। अधिकाधिक लोग निक्षय मित्र के रूप में क्षय रोगियों को गोद लें और उन्हें क्षय रोग से स्वस्थ बनाने में सहयोग करें। उन्होंने बताया कि इसके मद्देनजर अब हर माह की 15 तारीख को एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जा रहा है।

इन दिवस पर तत्काल जांच और तत्काल इलाज शुरू करने की व्यवस्था है। इससे लोगों को काफी फायदा हो रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जिला चिकित्सालय और जिले के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीबी की जांच की सुविधा उपलब्ध है।

क्षय रोग के नोडल अधिकारी हेमंत रस्तोगी ने बताया कि किसी व्यक्ति में क्षय रोग की पुष्टि हो जाने पर मरीज को 500 रुपए पोषण राशि दी जाती है। यह राशि निक्षय योजना के तहत मिलती है। उन्होंने बताया वर्ष 2022 में 10321 टीबी मरीज खोजे गए और 9993 मरीज टीबी से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। जनपद में 2374 मरीजों का उपचार चल रहा है। नोडल अधिकारी ने जनपदवासियों से सक्षम लोगों और संस्थाओं से टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की है।