प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर्स आत्मनिर्भर निधि के बारे में समझाया

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आस मोहम्म@ नूंह-मेवात…..जिला पालिका आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल ने आज नगरपालिका में नगरपालिका के पथ विक्रेताओं को बुलाया। सभी पथ विक्रेताओं को जिला पालिका आयुक्त ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर्स आत्मनिर्भर निधि(पीएम-स्वनिधि)स्कीम के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने सभी पथ विक्रेताओं को उनका मोबाईल नंबर आधार कार्ड से जोडने व आधार कार्ड को बैंक खाते से कॉमन सर्विस सैंटर के माध्यम से जोडने के बारे में बताया ताकि पथ विक्रेता को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वैंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम-स्वनिधि) स्कीम के 10 हजार रूपये का ऋण आसानी से मिल सके। इस कैंप में उपस्थित पथ विक्रेताओं को जिला पालिका आयुक्त द्वारा वैंडिंग प्रमाण पत्र वितरित किए गए और महोदय ने मैनेजर, जिला अग्रणी बैंक को निर्देशित किया कि पीएम-स्वनिधि पोर्टल पर अपलोड हुए ऋण आवेदनों को 1 सिंतबर, 2020 से पहले ऋण देना सुनिश्चित करें। इस बैठक में सचिव नगरपालिका नूंह, वाईस चेयरमैन नगरपालिका नूंह, मैनेजर जिला अग्रणी बैंक, एनयूएलएम एक्सपर्ट आदि अधिकारी मौजूद थे।      कौन ले सकते हैं योजना में लाभ:- मोहल्लों में फेरी लगा कर सामान बेचने वाले, सडक़ किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले वे लोग जो 24 मार्च, 2020 या उससे पहले से वेंडिंग कर रहे हैं, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। अब यहां सवाल उठता है कि सडक़ किनारे के वेंडर कौन होते हैं। इसका जवाब है कि कोई ऐसा व्यक्ति जो रोजमर्रा के सामान बेचने वाले या या सेवाएं मुहैया करता है, किसी अस्थाई रूप से बने हुए स्टॉल से या फिर गली-गली घूमकर अपना सामान बेचता है। इसी तरह ठेले पर सब्जी, फल, चाय-पकौड़ा, ब्रेड, अंडे, कपड़े, किताब, लेखन सामग्री बेचने वाले।

सडक़ किनारे नाई की दुकान, मोची, पान की दुकान या लांड्री सेवा मुहैया कराने वाले आदि।     इस योजना के तहत लोन कौन देंगे और कब तक:- सभी सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बैंक ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, कोओपरेटिव बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी या, स्वयं सहायता समूह बैंक। सरकार ने तय किया है कि पीएम स्वनिधि स्कीम मार्च, 2022 तक जारी रहेगी। मतलब कि उक्त अवधि तक इस योजना के तहत लोन लिया जा सकता है। लोन की अवधि एक साल की होती है।      लोन लेने के लिए क्या है जरूरी दस्तावेज:- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड जरूरी है। इनके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस, मनरेगा कार्ड या पैन कार्ड हो तो और अच्छा। आप रेहड़ी पटरी लगाते हैं या फेरी लगा कर सामान बेचते है, इसके समर्थन में वेंडिंग सर्टिफिकेट भी जरूरी है।     वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है तो क्या करें: आपके पास वेंडिंग सर्टिफिकेट नहीं है तो परेशान नहीं हों। सबसे पहले आप पीएम स्वनिधि की वेबसाइट pmsvanidhi.mohua.gov.in  पर लिस्ट में अपना नाम देखें। यदि उस सर्वेक्षण लिस्ट में आपका नाम नहीं है तो आप इस योजना के वेब पोर्टल पर जा कर आनलाइन अप्लायी करें। बैंकिंग करोसपोंडेंट आपको इसमें मदद करेंगे।    लोन के लिए आवेदन कहां दें:- नजदीकी सीएससी सेंटर जा कर आवेदन करें।

कोई भी व्यक्ति, जो किसी सडक़, फुटपाथ, इत्यादि में सामान, एक अस्थायी निर्मित संरचना या एक स्थान से दूसरे स्थान पर सामान, माल, दैनिक उपयोग के सामान या सेवाओं को अन्य लोगों को पेशकश करने का काम करता है और उनके द्वारा आपूर्ति की जाने वाली वस्तुओं में सब्जियां, फल, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय, पकौड़े, ब्रेड, अंडे, कपड़ा, कारीगर उत्पाद, किताबें/स्टेशनरी इत्यादि और सेवाओं में नाई की दुकानें, कोबलर्स, पान की दुकानें, कपड़े धोने की सेवाएं इत्यादि शामिल हैं। इस स्कीम के तहत हर स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपये तक लोन ले सकता है। इस राशि को रेहड़ी-पटरी वाले एक साल के भीतर किस्त में लौटा सकते हैं। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 7 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके अकाउंट में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मोबाइल से लेन देन करने पर 50 से 100 रुपये का कैश बैक भी मिल सकता है।