बदले मौसम के मिजाज से सब्जी फसल को भारी नुकसान होने की संभावना ज्यादा

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सुरेंद्र सिंह भाटी@बुलंदशहर सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने और कंकनी हवा बहने के कारण लोग घरों में दुबके रहे। बदलते मौसम से किसान चिंतित हैं। आलू के साथ सब्जी फसल को इस मौसम में नुकसान होने की भारी संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसान आलू की खेती की किस तरह सुरक्षा करें। किसान आलू की खेती अगेती या पिछेती, वे झुलसा रोक के प्रति संवेदनशील होते है। आलू की फसल को सर्वाधिक नुकसान भी इसी रोग से पहुंचता है।

आम तौर पर यह रोग दिसंबर के महीने में फसल में लगता है । लेकिन इस बार बेमौसम बरसात होने का भय किसानों को सता रहा है ।और मौसम में बदलाव के कारण इस रोग का खतरा अभी से शुरू हो गया है। कहीं कहीं अगेती फसलों में इसके लक्षण भी मिले हैं। ऐसे में कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रिशु सिंह का मानना है कि तत्काल प्रबंधन कर किसान रोग से होने वाली क्षति को रोक सकते है।

नही तो यह रोग उत्पादन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र बागवानी वैज्ञानिक डा. रिशु सिंह कहते हैं कि आलू की फसल झुलसा रोग के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती है