दरगाहपुर की इस बिटिया के हौंसलों के आगे झुका कोरोना वायरस

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  • हौंसले और जज्बे से कोरोना वायरस के संक्रमण पर कसी लगाम, फैलाई जागरूकता
  • ऊन तहसील क्षेत्र की जनता के लिए किसी भी हीरो से कम नही है बेटी अनु सरोहा

दीपक वर्मा@ शामली। विपत्तियां कभी भी बता कर नही आती…लेकिन मुश्किलों का सामना सिर्फ वो ही लोग कर सकते हैं, जिनमें हौंसला और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। ऐसे हालातों में जब लोग मदद का इंतजार करते हैं, तो जनता के बीच से ही कुछ लोग खुद ही मदद बनकर अपने घरों से निकल पड़ते हैं। मुश्किल हालातों में ही ऐसे लोगों की प्रतिभा निखरकर सामने आते हैं। कोरोना महामारी के दौरान शामली जिले के दरगाहपुर गांव की बेटी अनु सरोहा ने भी ऐसा ही हौंसला दिखाया है। यह बेटी अब तक सैंकड़ों लोगों को खुद से तैयार किए गए मास्क बांट चुकी है। इतना ही नही इस बेटी ने लोगों को महामारी के प्रति जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभाई है। यह बेटी ऊन तहसील क्षेत्र की जनता के लिए किसी हीरों से कम नही है।
शामली जिले में कोरोना वायरस के प्रसार के शुरूआती दिनों में मास्क की भारी किल्लत सामने आ आई थी। बाजार में मेडिकल स्टोर भी इसकी कमीं से जूझ रहे थे। उस दौरान लोगों को तो इसकी उपयोगिता के बारे में भी सही जानकारी नही थी। ऐसे हालातों के बीच ऊन तहसील क्षेत्र के गांव दरगाहपुर निवासी स्वदेश पाल सरोहा की बेटी अनु सरोहा जनता को जागरूक करने और संक्रमण से बचाने के लिए सामने आई। अनु ने हौंसला दिखाते हुए घर पर ही सिलाई मशीन के द्वारा मास्क तैयार किए। इसके बाद अनु नेे सबसे पहले अपने गांव और फिर बाद में ऊन तहसील क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर लोगों को मास्क का वितरण करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के प्रति जागरूक किया। वर्तमान में भी दरगाहपुर गांव की यह बेटी नियमित रूप से लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक कर रही है। बेटी अनु शिक्षिका बनना चाहती है, जिसके लिए वह खूब मन लगाकर पढ़ाई भी करती है।

हौंसलों के आगे पस्त हुए महामारी के मंसूबे
कोरोना वायरस अपने साथ कई विपत्तियां भी लेकर आया। इसके प्रकोप के चलते आर्थिक हालत बिगड़ने के चलते जहां बेरोजगारी बढ़ी, वहीं कुछ स्थानों पर खानेकृपीने की किल्लत भी सामने आई। ऐसे हालातों में जनता के कुछ लोग मसीहा बनकर उभरे। ऐसे लोगों ने घरों से बाहर निकलकर मुश्किलों से घिरे लोगों की मदद की। खाने पीने की परेशानियों को दूर करने में ऐसे लोग दिनकृरात जुटे रहे। स्वतंत्रता के इस महापर्व पर समाज के रक्षक कहे जाने वाले ऐसे लोगों को सम्मानित करने की जरूरत है।

नियमों का करें पालन, तभी बनेगी बात
अनु सरोहा ने बताया कि कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना जरूरी है, लेकिन अभी भी कुछ लोग वायरस को गंभीरता नही समझ रहे हैं। इससे कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे लोगों के प्रयासों पर पानी फिर रहा है। अनु ने जनता से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, फेस मास्क लगाने, नियम कायदों को मानने और बगैर जरूरत घर से बाहर नही निकलने की अपील की है। ं