मणिपुर मुद्दे पर राज्यसभा में गतिरोध थमता दिखा, सभापति ने 1:00 बजे बुलाई बैठक

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नई दिल्ली, । राज्यसभा में गुरुवार को पिछले काफी समय से मणिपुर मुद्दे पर चला आ रहा गतिरोध कम होता दिखा। तृणमूल कांग्रेस नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हम सभी मणिपुर पर चर्चा चाहते हैं। उनके अनुरोध के बाद नेता सदन पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार पहले दिन से ही मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। हम आपस में बैठकर बैठक के बारे में तय कर सकते हैं। सभापति की ओर से भी कहा गया कि मणिपुर मुद्दे पर बिना समय व अन्य बाधा के बिना चर्चा होगी और वह 1:00 बजे अपने कक्ष में पार्टियों के नेताओं से मिलेंगे।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर मुद्दे पर 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के प्रारंभ से ही गतिरोध जारी है। विपक्ष इस पर लंबी चर्चा और प्रधानमंत्री से जवाब चाहता था। वहीं, सत्तापक्ष का कहना था कि इस पर चर्चा के लिए सरकार तैयार है और गृहमंत्री जवाब देंगे।

आज राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि मणिपुर एक महत्वपूर्ण विषय है जिस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। सरकार एक नियम से और विपक्ष एक नियम से चर्चा चाहता है। वे मानते हैं कि इस मुद्दे पर नियम और अन्य कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। विपक्ष इस मुद्दे पर केवल ढाई घंटे नहीं बल्कि एक लंबी चर्चा चाहता है।

इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वह पहले ही कह चुके हैं कि मणिपुर पर चर्चा के दौरान समय की सीमा नहीं होगी। वह किसी आरोप-प्रत्यारोप में नहीं उलझना चाहते। वह खुश हैं कि विषय चर्चा पर केंद्रित हुआ है।

नेता सदन पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार शुरू से मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एक्टिव रही है। वह अपने साथी सदस्य का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने यह पहल की। हम भी चाहते हैं कि सदन में चर्चा हो, सभी को अपनी बात रखने का अवसर मिले। पर वह नहीं चाहते कि चर्चा के दौरान कोई व्यवधान हो। सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयक चर्चा के लिए लाए जाने हैं। ऐसे में वह चाहते हैं कि इन विधेयकों पर भी विपक्ष अपनी बात रखे। अब गृहमंत्री मणिपुर मुद्दे पर चर्चा का जवाब देंगे और इस विषय पर चर्चा करके समय तय किया जा सकता है। इससे सदन की ओर से देश में एक संदेश जाएगा।

इस पर सभापति ने कहा कि हमारे कई मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं लेकिन हमें एक-दूसरे की सुननी चाहिए। वह 1:00 बजे अपने चेंबर में फ्लोर लीडर से मुलाकात करेंगे। वह चर्चा में समय और और किसी अन्य बाधा को नहीं आने देंगे।