मोदी 29 साल बाद अयोध्या में, वे रामलला के दर्शन करने वाले पहले प्रधानमंत्री

Spread the love

492 साल पहले बाबर के कहने पर अयोध्या में विवादित ढांचा बना था। 1885 में पहली बार यह मामला अदालत में गया। 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके ठीक नौ महीने बाद अयोध्या में राम मंदिर के लिए भूमिपूजन होने जा रहा है।

आज राम काज का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला के दर्शन किए। इससे पहले उन्होंने हनुमान गढ़ी में दर्शन किए थे। वे रामलला के दर्शन और हनुमान गढ़ी जाने वाले पहले प्रधानमंत्री। दोपहर 12:30 बजे मोदी राम मंदिर की नींव रखेंगे। मोदी, जिनकी पार्टी भाजपा ने 10 में से 8 लोकसभा चुनाव में यही वादा दोहराया था।…और सबसे खूबसूरत बात यह कि इसका सबसे पहला न्योता उन इकबाल अंसारी को भेजा गया, जो बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे थे।

आजादी के बाद मोदी इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो इस पद पर रहते हुए रामलला के दरबार में होंगे। उनसे पहले इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी और खुद नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं कर पाए थे।

मोदी 29 साल बाद अयोध्या में

इससे पहले मोदी 1991 में अयोध्या गए थे। तब भाजपा अध्यक्ष रहे मुरली मनोहर जोशी तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे और यात्रा में मोदी उनके साथ रहते थे। मोदी ने 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त फैजाबाद-अंबेडकर नगर में एक रैली को सं‍बोधित किया था, लेकिन अयोध्या नहीं गए थे।