हिंडन खादर में जमीन में गड्ढा खोदकर छिपा रखी थी कच्ची शराब

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गाजियाबाद। त्योहार सीजन भले ही समाप्त हो गया हो, मगर शराब माफिया का खेल अभी भी जारी है। जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीम ने हिंडन खादर क्षेत्र में बन रही अवैध शराब की भट्टी को ध्वस्त करते हुए कच्ची शराब से भरे ड्रम व लहन बरामद किया है। जिले में विभिन्न स्थानों पर कच्ची शराब के माफिया शराब पीने वालों की जिंदगियों से खिलवाड़ करने में थोड़ा सा भी गुरेज नहीं करते हैं। जबकि शराब कारोबारियों पर आबकारी विभाग कार्रवाई करने से कभी नहीं चूकता, मगर आबकारी विभाग की कार्रवाई के बीच एक-दो दिन बाद शराब कारोबारी फिर कच्ची शराब बनाने वाले उपकरण को एकत्र कर भट्टी सुलगाने लगते है। शराब माफिया त्योहार हो या चुनाव बस इसी आस में अपने अवैध कारोबार को बढ़ावा देते है कि एक झटके लाखों रुपए कमाने में सफल हो जाए। मगर आबकारी विभाग द्वारा बरती जा रही लगातार सख्ती के बीच शराब कारोबारियों की दाल नहीं गल रही है। कच्ची शराब पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग लगातार विशेष अभियान चलाकर शराब कारोबारियों को लगातार नुकसान करते हुए झटका दे रहा है।

जिला आबकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आबकारी विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई कर रही है। बुधवार को आबकारी निरीक्षक अनुज वर्मा एवं अभय दीप सिंह की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर थाना टीला मोड़ अंतर्गत जावली, सीती, भनेडा, महमूदपुर आदि हिंडन खादर क्षेत्रों पर दबिश दी गई। दबिश के दौरान लगभग 80 लीटर अवैध कच्ची शराब और करीब 800 किलोग्राम लहन बरामद किया गया। अवैध कच्ची शराब को कब्जे में लेकर लहन को मौके पर नष्ट कर दिया गया। दरअसल शराब बनाने में शराब माफिया की लागत करीब 40 से 50 हजार रुपए की होती है। जहां शराब माफिया 50 हजार खर्च करने के बाद उससे लाखों रुपए कमाने की उम्मीद में रहते है। मगर शराब माफियाओं को इस कारोबार में अब सिर्फ नुकसान के सिवा कुछ नही मिल रहा है। आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत 2 अभियोग पंजीकृत किए गए।

शराब कारोबारियों ने उक्त कच्ची शराब को हिंडन नदी किनारे जमीन में खोदकर ड्रम में छिपाया हुआ था। जिससे दबिश के दौरान किसी की नजर न पड़े। मगर आबकारी विभाग की दबिश में शराब कारोबारियों द्वारा 4 ड्रमों में छिपाकर रखी गई कच्ची शराब व लहन को ढूंढ निकाला। अगर शराब कारोबारी अपने इस अवैध कार्य में कामयाब हो जाते तो राजस्व को नुकसान तो होता है। मगर सबसे पहले उक्त कच्ची शराब का सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर इसका गलत असर पड़ता। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की टीम लगातार चेकिंग, दबिश की कार्रवाई कर रही है। जिले के सभी इंस्पेक्टर हाईवे, ढाबों एवं शहर क्षेत्र में संचालित बार, रेस्टोरेंट पर भी छापेमारी की कार्रवाई कर रही है।