▪️ सीमाओं पर सख्ती, बाहरी राज्यों से आने वाली हर गाड़ी की कड़ी जांच
▪️ डीईओ सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सख्त मॉनिटरिंग, फील्ड में 24 घंटे टीमें तैनात
▪️ लाइसेंसी दुकानों से लेकर गुप्त ठिकानों तक छापेमारी, अवैध कारोबारियों में हड़कंप
गौतमबुद्ध नगर। फागुन का महीना शुरू होते ही रंगों के त्योहार होली की खुमारी चढऩे लगी है। बाजारों में रौनक है, तैयारियां तेज हैं और इसी के साथ शराब की मांग में भी तेजी आने लगी है। होली के मद्देनजर जहां लोग उत्सव की तैयारी में जुटे हैं, वहीं शराब तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं। बढ़ती मांग को देखते हुए बाहरी राज्यों से शराब की खेप मंगाने और अवैध तरीके से स्टॉक खपाने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में आबकारी विभाग ने पहले से ही मोर्चा संभालते हुए जिलेभर में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत व्यापक अभियान छेड़ दिया है। इस पूरी तैयारी की कमान जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने खुद संभाली है। उनकी कार्यशैली और सख्त निगरानी व्यवस्था इस बार होली को सुरक्षित और संयमित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। आमजन की सुरक्षा को लेकर आबकारी विभाग की टीमें अपनी चिंता को छोड़ जनता की सुरक्षा को लेकर सक्रिय दिखाई दे रही है।

सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले के किसी भी हिस्से में अवैध शराब की बिक्री या तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी आबकारी निरीक्षकों और टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाने और रात में दुकानें बंद होने के बाद भी फील्ड में सक्रिय रहने के आदेश दिए हैं। आबकारी विभाग की टीमें दिन-रात सड़कों पर चेकिंग और छापेमारी कर रही हैं। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की विशेष जांच की जा रही है। खासतौर पर दिल्ली और हरियाणा से होने वाली शराब तस्करी को रोकने के लिए सीमाओं पर 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित की गई है। हरियाणा के सिरसा और लोहारली बॉर्डर तथा दिल्ली के कालिंदी कुंज बॉर्डर पर तीन शिफ्टों में निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिफ्ट में आबकारी, पुलिस और प्रवर्तन विभाग की संयुक्त टीमें तैनात हैं।
जिला आबकारी अधिकारी ने कहा कि शराब की बिक्री और खरीद से संबंधित हर दस्तावेज की जांच की जाएगी। लाइसेंसी दुकानों की भी विशेष रूप से जांच की जा रही है। दुकानों में रखे स्टॉक का मिलान, बिल और रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की कार्यशैली की खास बात यह है कि वह केवल अवैध तस्करों पर ही नहीं, बल्कि लाइसेंसधारियों पर भी समान रूप से निगरानी रख रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि यदि कोई लाइसेंसी विक्रेता अपने लालच में विभाग की छवि को धूमिल करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ब्लैकमेलिंग या अवैध वितरण की किसी भी सूचना को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस अभियान के तहत आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, डॉ. शिखा ठाकुर, अभिनव शाही, नामवर सिंह और संजय चन्द्र को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मुखबिर तंत्र सक्रिय रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पिछले वर्षों में होली के दौरान अवैध शराब से जुड़े कुछ मामले सामने आए थे। इन्हीं घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार कोई भी चूक न हो, इसके लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। अनियंत्रित शराब पार्टियों, बिना लाइसेंस वितरण और बाहरी राज्यों से अवैध आपूर्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी ने दोहराया कि बाहरी राज्यों से शराब लाने वाले तस्करों को किसी भी हाल में कानून की गिरफ्त से बचने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा और त्योहार को शांतिपूर्ण बनाए रखना है।
होली के उल्लास के बीच प्रशासन की यह सतर्कता यह संदेश दे रही है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। ‘ऑपरेशन प्रहार’ के जरिए आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने वालों पर इस बार सख्त कार्रवाई तय है। फिलहाल जिलेभर में चौकसी बढ़ा दी गई है और आबकारी विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुबोध कुमार श्रीवास्तव की सक्रिय निगरानी और टीमों की सतत कार्रवाई से उम्मीद है कि इस बार होली का पर्व सुरक्षित, संयमित और कानून-व्यवस्था के दायरे में मनाया जाएगा।
