सीमा पार कर गए तस्कर, लेकिन गौतमबुद्ध नगर में टूटी पूरी सप्लाई चेन-लकड़ी के बॉक्स में छिपी 20 लाख की शराब जब्त

हरियाणा-दिल्ली पुलिस को चकमा देकर निकल रहा ट्रक गौतमबुद्ध नगर में पकड़ा, 237 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद

-फर्जी बिल्टी बनाकर तस्करी की कोशिश नाकाम, 24 घंटे मुस्तैद आबकारी टीम ने माफियाओं को पहुंचाया लाखों का नुकसान

ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त करने के लिए आबकारी विभाग लगातार सख्त अभियान चला रहा है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में विभाग की सक्रिय और रणनीतिक कार्यशैली ने शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। बाहरी राज्यों से शराब तस्करी कर बड़े स्तर पर अवैध कारोबार करने की कोशिश कर रहे गिरोहों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद कर शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई न केवल विभाग की सतर्कता का प्रमाण बनी बल्कि यह भी साबित कर गई कि आबकारी टीम अब शराब माफियाओं की हर चाल से कई कदम आगे चल रही है। जानकारी के अनुसार शराब माफिया ने इस बार तस्करी का नया तरीका अपनाया था। हरियाणा की सस्ती शराब को लकड़ी के बड़े बॉक्सों में छिपाकर अशोक लीलैंड ट्रक के जरिए हरियाणा से उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार, पश्चिम बंगाल और मणिपुर भेजने की योजना बनाई गई थी।

तस्कर हरियाणा और दिल्ली की सीमाओं को पार करने में सफल रहे, लेकिन गौतमबुद्ध नगर पहुंचते ही आबकारी विभाग की पैनी नजर से बच नहीं सके। आबकारी विभाग की टीम कार्यवाही से बचने और उनकी आंखों में धूल झोंकने के लिए शराब माफिया ने इस बार हरियाणा की सस्ती शराब को लकड़ी के बॉक्स में छिपाकर एक ट्रक के माध्यम से हरियाणा से यूपी से होते हुए बिहार , बंगाल के रास्ते मणिपुर में शराब पहुंचाने की फिराक में थे। हरियाणा और दिल्ली की पुलिस को चकमा देकर वह आसानी से पार हो गए, मगर यूपी के गौतमबुद्ध नगर जिले की आबकारी विभाग की टीम को चकमा देने में नाकाम रहे। हर बार की तरह इस बार भी आबकारी विभाग की टीम ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सभी आबकारी टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार छापेमारी, चेकिंग और निगरानी कर रही हैं। देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि हरियाणा नंबर का एक ट्रक अवैध शराब की खेप लेकर जिले से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए आबकारी निरीक्षक अखिलेश बिहारी वर्मा, आशीष पाण्डेय तथा प्रवर्तन मेरठ की संयुक्त टीम का गठन किया गया।

टीम ने नॉलेज पार्क-3 क्षेत्र में शारदा गोल चक्कर से रेलवे क्रॉसिंग की ओर जाने वाले मार्ग पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान संदिग्ध अशोक लीलैंड ट्रक को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने वाहन भगाने का प्रयास किया। टीम की तत्परता और घेराबंदी के चलते ट्रक को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान जो खुलासा हुआ उसने सभी को चौंका दिया। ट्रक में लकड़ी के तीन बड़े बॉक्स बनाए गए थे, जिनमें अंग्रेजी शराब की पेटियां छिपाकर रखी गई थीं। बरामद शराब में इंपीरियल ब्लू हैंड पिक्ड ग्रेन व्हिस्की 750 एमएल की 90 पेटी, 375 एमएल की 95 पेटी तथा 180 एमएल की 52 पेटियां शामिल थीं। कुल 237 पेटी हरियाणा मार्का शराब बरामद की गई। मौके से ट्रक चालक लाखाराम पुत्र जोधाराम निवासी जिला बाड़मेर, राजस्थान को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि शराब माफियाओं ने ऑटो पार्ट्स की फर्जी बिल्टी तैयार कर शराब को वैध सामान दिखाने की कोशिश की थी। कागजात में गंतव्य मणिपुर दर्शाया गया था, ताकि जांच एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके।

अधिकारियों के अनुसार तस्करों की असली योजना बिहार में शराब खपाने की थी, जहां शराबबंदी के कारण अवैध शराब की कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है। मणिपुर के नाम का इस्तेमाल केवल चेकिंग से बचने की रणनीति थी। इस खेप को पहुंचाने के लिए चालक को करीब 50 हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान भी किया गया था। आबकारी विभाग की टीम ने अपनी सूझबूझ, खुफिया तंत्र और त्वरित कार्रवाई के दम पर शराब माफियाओं की इस बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। कार्रवाई से तस्करों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। गिरफ्तार चालक, ट्रक मालिक और संबंधित डिस्टलरी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। जनपद गौतमबुद्ध नगर में आबकारी विभाग की यह कार्रवाई कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अवैध शराब के नेटवर्क पर करारा प्रहार मानी जा रही है। विभाग की टीम दिन-रात सक्रिय रहकर न केवल राजस्व की सुरक्षा कर रही है बल्कि समाज को अवैध और मिलावटी शराब के खतरे से भी बचाने का काम कर रही है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम की निरंतर सख्ती और पेशेवर कार्यशैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि जिले में अब शराब माफियाओं के लिए कोई सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है।

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