ग्रेटर नोएडा। त्योहारों और आगामी चुनावी सीजन से पहले अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने निगरानी तेज कर दी है। जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के साथ अब लाइसेंसी शराब की दुकानों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव खुद मैदान में उतरकर दुकानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने आबकारी निरीक्षकों की टीम के साथ जिले की विभिन्न लाइसेंसी शराब की दुकानों की जांच की। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर, उपलब्ध शराब, बिक्री के रिकॉर्ड, पीओएस मशीन और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की गई। विभाग का मकसद स्पष्ट है कि त्योहारों की आड़ में अवैध शराब की बिक्री, पुराने स्टॉक की खपत या किसी भी तरह की अनियमितता को बढ़ावा न मिले।
त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढऩे की संभावना रहती है। इसके बाद चुनावी गतिविधियों के दौरान भी शराब की अवैध बिक्री और वितरण की आशंका को देखते हुए आबकारी विभाग ने निगरानी बढ़ाई है। विभागीय स्तर पर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि लाइसेंसी दुकानों पर केवल नियमानुसार बिक्री हो और स्टॉक में किसी तरह की गड़बड़ी न मिले। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में चल रही जांच के दौरान दुकानों में उपलब्ध शराब का मिलान स्टॉक रजिस्टर और बिक्री के रिकॉर्ड से किया जा रहा है। अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि कहीं बिना रिकॉर्ड का माल तो नहीं रखा गया है।
इसके साथ ही वर्ष 2024-25 से पूर्व के स्टॉक की भी जांच की जा रही है, ताकि पुराने माल की बिक्री नियमों के विपरीत न हो सके। गुरुवार को जिला आबकारी अधिकारी ने आबकारी निरीक्षक आशीष पाण्डेय, अखिलेश बिहारी वर्मा, सचिन त्रिपाठी, दीनेन्द्र सिंह, अभिनव शाही, नामवर सिंह और संजय चन्द्र के साथ विभिन्न लाइसेंसी दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। त्योहारों से पहले शुरू हुई इस सख्ती से शराब कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी दुकानों की निगरानी और जांच जारी रहने की उम्मीद है, ताकि जिले में शराब की बिक्री निर्धारित नियमों के अनुसार हो और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।
औचक निरीक्षण के दौरान केवल रजिस्टर देखकर औपचारिकता पूरी नहीं की जा रही, बल्कि दुकानों की कार्यप्रणाली को भी परखा जा रहा है। अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है कि शराब की बिक्री पीओएस मशीन के माध्यम से हो रही है या नहीं। मशीन में दर्ज बिक्री और उपलब्ध स्टॉक के बीच मिलान कर अनियमितताओं का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची जा रही है। इससे बिक्री की प्रक्रिया और दुकान पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी। निरीक्षण के दौरान ग्राहकों से भी बातचीत कर शराब विक्रेताओं के व्यवहार और बिक्री व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली जा रही है। विभाग का प्रयास है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ ग्राहकों को भी शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाए।
जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि लाइसेंसी दुकानों पर नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा त्योहारों और आगामी चुनावी सीजन को देखते हुए शराब की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। स्टॉक रजिस्टर, उपलब्ध माल, पीओएस मशीन से होने वाली बिक्री और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्राहकों से भी अपील की कि यदि शराब की बिक्री में गड़बड़ी, नियमों के उल्लंघन या किसी अन्य तरह की अनियमितता दिखाई दे तो दुकानों के बाहर प्रदर्शित संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर पर शिकायत करें। शिकायत मिलने पर उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य पारदर्शी बिक्री व्यवस्था बनाए रखना और अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
