गाजियाबाद। शतरंज, जिसे दिमागी खेलों का बादशाह कहा जाता है, उसमें सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। यहां हर चाल के पीछे गहरी रणनीति और धैर्य की जरूरत होती है। ऐसे ही कठिन खेल में गाजियाबाद के 15 वर्षीय छात्र अक्षित शर्मा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मेरठ रोड स्थित डीपीएस स्कूल के कक्षा-9 के छात्र अक्षित ने गाजियाबाद डिस्ट्रिक्ट चेस चैंपियनशिप में अंडर-19 वर्ग में भाग लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया और सभी को चौंका दिया। राजनगर स्थित शिलर इंस्टीट्यूट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मंगलवार को आयोजित इस चैंपियनशिप में जिलेभर के विभिन्न स्कूलों से कुल 167 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता को अलग-अलग आयु वर्गों-अंडर-19, अंडर-15, अंडर-13, अंडर-11, अंडर-09 और अंडर-7 में विभाजित किया गया था। हर वर्ग में खिलाडिय़ों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन अक्षित शर्मा ने जिस आत्मविश्वास और रणनीति के साथ खेल दिखाया, उसने उन्हें खास बना दिया। महज 15 साल की उम्र में अंडर-19 जैसे सीनियर वर्ग में खेलना अपने आप में एक चुनौती है। इस वर्ग में कुल 17 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें कई खिलाड़ी उम्र और अनुभव दोनों में अक्षित से आगे थे। इसके बावजूद अक्षित ने बिना किसी दबाव के शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया। उनकी चालों में परिपक्वता और खेल के प्रति समझ ने निर्णायकों और दर्शकों को काफी प्रभावित किया।
इस प्रतियोगिता की एक और खास बात यह रही कि अंडर-19 वर्ग के 12 खिलाडिय़ों को फाइड रेटिंग प्राप्त थी। फीडे (विश्व शतरंज महासंघ) द्वारा दी जाने वाली यह रेटिंग खिलाडिय़ों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और उनके खेल स्तर को दर्शाती है। ऐसे प्रतिस्पर्धी माहौल में अक्षित का प्रदर्शन यह साबित करता है कि वह आने वाले समय में बड़े मंचों पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं। अक्षित शर्मा की इस उपलब्धि ने उन्हें एक और बड़ी सफलता दिलाई है। उन्होंने यूपी स्टेट चेस चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है, जो जल्द ही सीतापुर में आयोजित होने वाली है। यह उनके करियर का अगला बड़ा पड़ाव होगा, जहां वह प्रदेशभर के बेहतरीन खिलाडिय़ों के खिलाफ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अक्षित की सफलता पर उनके परिवार में खुशी का माहौल है। पिता मनोज शर्मा ने कहा कि अक्षित ने हमेशा मेहनत और अनुशासन को प्राथमिकता दी है। उसकी इस सफलता पर हमें गर्व है। हमें विश्वास है कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत करता रहेगा और देश का नाम रोशन करेगा।
माता प्रीति शर्मा ने कहा कि अक्षित बचपन से ही शतरंज के प्रति गंभीर रहा है। उसने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी पूरी लगन से समय दिया। उसकी यह उपलब्धि हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। वहीं, अक्षित के कोच अभिमन्यु पोद्दार ने उसकी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा अक्षित एक असाधारण खिलाड़ी है। उसकी रणनीति, धैर्य और खेल की समझ उसकी उम्र से कहीं आगे है। यदि वह इसी तरह मेहनत करता रहा, तो वह जल्द ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
अक्षित शर्मा की यह सफलता न केवल उनके परिवार और स्कूल के लिए गर्व की बात है, बल्कि गाजियाबाद के अन्य युवा खिलाडिय़ों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि उम्र केवल एक संख्या है, असली मायने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के होते हैं। अब सभी की नजरें अक्षित के आगामी प्रदर्शन पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि वह यूपी स्टेट चैंपियनशिप में भी अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए जिले का नाम रोशन करेंगे और शतरंज की दुनिया में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।
