गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेस-वे से प्रभावित किसानों का 33 वे दिन भी सत्याग्रह जारी

सुरेन्द्र सिंह भाटी@बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के गांव बहापुर में गंगा-यमुना लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना से प्रभावित किसानों की जमीन के क्रय-विक्रय को लेकर चल रहा सत्याग्रह 33 वें दिन में प्रवेश कर गया। किसान कामगार यूनियन (तेवतिया) के बैनर तले चल रहा है धरना प्रदर्शन हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग धरना में मौजूद। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी मनवीर सिंह तेवतिया का आमरण अनशन भी 33 वें दिन लगातार जारी है। वैसे धारणा को आज 48 दिन हो चुके हैं। और किसान अपनी मांगों को पर ही अड़े हुए हैं। प्रशासन ने काफी प्रयास किया समझने का लेकिन धरनारथ लोग मानने को तैयार नहीं कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होगी वह धरना समाप्त नहीं करेंगे।

इन प्रमुख किसान संगठनों का मिला समर्थन:-भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के काफिले को बी.बी. नगर में पुलिस फोर्स ने रोका। लेकिन तीखी नोकझोंक के बाद काफिला सत्याग्रह स्थल पहुंचा और उन्होंने मनवीर तेवतिया को पूर्ण समर्थन दिया।आंदोलन में जनसैलाब के बीच किसान अपने निजी वाहनों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से सत्याग्रह स्थल पर एकत्रित हुए।जिनको पुलिस बल द्वारा रास्ते में लगाए गए अवरोधों के बावजूद किसान डटे रहे।

इसके अतिरिक्त भारतीय किसान यूनियन संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन तेवतिया, भारतीय किसान यूनियन छोटू राम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी आनंद सिंह, मथुरा से एडवोकेट छीतर सिंह, बिहार से पवन सिंह भूमिहार, बुंदेलखंड के किसान नेता व अन्य संगठनों ने भी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।

किसान कामगार यूनियन तेवतिया के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर त्रिलोक सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद दरोगा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष ठाकुर राजवीर सिंह, उत्तर प्रदेश प्रचार मंत्री सेलक राम प्रधान, हत्येंद्र फौजी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रमोद आजाद, चौधरी रामवीर, राकेश कुमार जौली, मनोज कुमार, गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र मलिक, बुलंदशहर जिला अध्यक्ष चौधरी मनजीत सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


33 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता मनवीर सिंह तेवतिया ने कहा कि सरकार भूमि अधिग्रहण 2013 के कानून से न करके ‘आपसी सहमति’ के नाम पर क्रय कर रही है, जो पूरी तरह गैर-कानूनी है।उन्होंने मांग की है की या तो सरकार किसानों को 1 करोड़ रुपये प्रति बीघा का मुआवजा दे। या फिर 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के तहत अधिग्रहण करे। साथ ही चकबंदी में चकरोड व नाली के लिए किसानों से काटी गई 4-5% जमीन का मुआवजा भी दिया जाए। किसान कामगार यूनियन (तेवतिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनवीर तेवतिया ने दोहराया की मैं अंतिम सांस तक किसानों की लड़ाई लड़ूंगा। इन्हें न्याय दिलाकर रहूंगा, चाहे मेरे प्राण ही क्यों न चले जाएं।

वही मानवीर तेवतिया ने प्रशासन पर
आरोप लगाया कि जिला प्रशासन किसानों को प्रताड़ित कर रहा है। किसी के ट्रैक्टर का चालान, किसी का होटल बंद, दूध के धंधे पर सैंपल भरना, ईंट भट्ठों पर नोटिस देकर किसानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। लेकिन किसान झुकने वाले नहीं हैं। किसान आज भी अपनी मांगों पर पड़े हुए हैं और हजारों की संख्या में लोग धना स्थल पर जमे हुए हैं। पुलिस प्रशासन भी धरने की पूरी निगरानी कर रहा है। कई बार प्रशासन के अधिकारियों ने धरनारत लोगों से वार्ता की लेकिन हर बार वार्ता विफल रही किसान अपनी मांग पर है अड़े हुए हैं।

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