भाई-बहन के उत्साह को कम नहीं कर पाया कोरोना काल

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बागपत@मेहंदी हसन।जिले में रक्षाबंधन का पवित्र त्यौहार खुशी और शांति से मनाया गया।
रक्षा बन्धन कें खास दिन पर सभी बहनें अपने-अपने भाइयों के कलाइयों पर राखी बांधी बहनों ने अपने-अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधे और भाईयों ने बहनों को उपहार भेंट कर जीवन भर रक्षा करने का वचन दिया। वहीं पर रक्षा बन्धन पर बच्चों में उत्साह दिखाई दिया। बदलते समय के साथ जहां बड़े-बुजुर्गों में रक्षा बंधन पर इतना उत्साह दिखाई नहीं देता है जितना कि बच्चों में देखने को मिला छोटी बच्चियां बड़े ही उत्साह के साथ अपने नन्हे भाईयों की कलाई पर राखियां बांधती दिखाई दीं।

बहनों ने भाइयों कि कलाई पर बांधा रक्षा कवच

तहसील क्षेत्र मे रक्षाबंधन का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। क्षेत्र के जागोस गांव मैं दूर दूर से आई बहनों ने रक्षाबंधन का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया। जहां बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा कवच के रूप में राखी बांधी। भाई बहन के प्यार का पर्व रक्षा बंधन राखी बांधकर अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करते हुए उनके माथे पर तिलक लगाकर मुंह मीठा कराया । और हमेशा अपने भाइयों के अच्छे स्वास्थ्य,समृद्धि,खुशहाली, व लंबी उम्र की कामनाएं की। पूरे क्षेत्र के घर-घर में खुशियों के साथ राखी का त्यौहार बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया । वही भाई बहन ने एक दूसरे को इस पवित्र बंधन की शुभकामनाएं दी। रक्षाबंधन का त्यौहार एक संस्कृत शब्द है। जिसका अर्थ है रक्षा का बंधन अर्थात किसी की रक्षा की जिम्मेदारी लेना वास्तव में रक्षा सूत्र का प्रतीक है। निस्वार्थ प्रेम का त्याग का परस्पर सहयोग का सूत्र एक दूसरे को सहयोग देना। सहयोग लेना कलाई में राखी बांधना इसका ही एक सूत्र बंधन है इस बंधन को बड़े प्यार सद्भाव के साथ में बांधा जाता है ।जिसे हिंदू रीति रिवाज के साथ रक्षा का बंधन भी कहा जाता है ।आज के दिन बहन अपने भाइयों से उसको प्रेम, सद्भाव ,और रक्षा करने आदि का संकल्प दिलाती है। भाई बहन की रक्षा , व सुख दुख में अपने कर्तव्य निर्वाह करने का संकल्प लेता है।