निर्माणाधीन ऐलिवेटिड फ्लाईओवर गिरने का मामला,लापरवाही और निर्माण सामग्री समेत कई पहलुओं पर होगी जांच

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IN8@गुरुग्राम…गुरुग्राम के सबसे महंगे और लंबे ऐलिवेटेड फ्लाईओवर का शनिवार की देर रात करीब 200 फुट का हिस्सा टूट गया। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय इस हिस्से के नीचे कोई नहीं था, नहीं तो यहां कईयों की जान जा सकती थी। हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
बता दें कि गुरुग्राम-सोहना रोड स्थित सुभाष चौक से लेकर बादशाहपुर को पार करके भोंडसी तक ऐलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है। गुरुग्राम के लिए यह प्रोजेक्ट अहम है। गुरुग्राम के रास्ते दिल्ली से मुंबई तक बनाए जा रहे एक्सप्रेस-वे से जोडऩे के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 248ए पर यह फ्लाईओवर और छह लेन की सड़क बनाई जा रही है। कुल लागत 1900 करोड़ में से अभी 900 करोड़ के प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। छह किलोमीटर लंबे इस ऐलिवेटेड फ्लाईओवर का साउथ सिटी-2 मोड़ के पास व रेडिसन होटल के सामने करीब 200 फुट का हिस्सा यानी एक पिलर से दूसरे पिलर तक का हिस्सा बीती देर रात एकाएक ढह गया। बताया जा रहा है कि बीच में से यह हिस्सा टूटा और फिर गिर गया।
एक तरफ से तो पूरा मलबा नीचे आ गया और दूसरी तरफ से पिलर पर ही अटका रहा। इसके गिरने पर किसी बम ब्लास्ट जैसी आवाज आई तो आसपास के लोग भी कांप गए। बड़ी-बड़ी मशीनों से ऐलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। यह तो गनीमत ही रही कि फ्लाईओवर के ऊपर रखी गई मशीन हादसे की जगह से थोड़ी आगे थी। अगर वह मशीन यहां होती तो हादसा बहुत बड़ा हो सकता था। हादसे की जानकारी मिलने पर देर रात को अधिकारी मौके पर पहुंचे। निर्माण कंपनी को भी इसकी सूचना दी गई। रात भर अधिकारियों की भागदौड़ यहां रही। जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय गिरने वाले हिस्से की थोड़ी दूरी पर करीब दो दर्जन मजदूर काम पर थे। कंपनी अधिकारियों की ओर से कहा गया है कि कोई मजदूर नीचे नहीं था। नीचे सिर्फ जनरेटर सेट व निर्माण सामग्री रखी थी। कहा यह भी जा रहा है कि इस फ्लाईओवर के हिस्से के गिरने से बाकी के हिस्से में भी नुकसान होने की आशंका है। तकनीकी जांच के बाद भी यह स्पष्ट हो पाएगा। उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं।